Gullian Barre Syndrome ,गुल्लियन बरे सिंड्रोम , GBS in Hindi

गुलियन बरे सिंड्रोम एक तरह का न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर है । जिसमे की अचानक से आपके कमर के नीचे के हिस्से मुख्य रूप से आपके दोनो पैर काम करने बंद कर देते है और मरीज चल नहीं पाता है । Gullian Barre Syndrome मुख्य रूप से मोटर टाइप का neurological disorders है । बाकी और भी इसके टाइप्स है । इस बीमारी की तीव्रता mild to sever हो सकती है । यह निर्भर करता है कि disease कि progress किस तरह की है ।

किस उम्र के सबसे ज्यादा प्रभावित होते है –

कोई भी age group के लोग इससे प्रभावित हो सकते है किन्तु मुख्य रूप से 30 से 50 आयु वर्ग अधिक प्रभावित होता है । GBS in Hindi

GBS के क्या कारण है –

इसके कारणो में bacterial infections कारण में प्रमुख campylobacter jejuni नाम का बैक्टीरिया होता है , या और भी कई अनेक बैक्टीरिया और वायरस होते है ।
सबसे पहले जिस बैक्टीरिया या वायरस का इंफेक्शन हुआ है उसके लक्षण देखने को मिलेंगे जैसे बुखार , दस्त , उल्टी आदि उसके 1 या 2 हफ्ते बाद GBS के लक्षण मिलेगे ।
अब ऐसा बिल्कुल भी नहीं है की जिसको इन बैक्टीरिया या वायरस का संक्रमण होगा उन्हें सभी को GBS होगा । बहुत ही कम लोगों को होता है । यह इनके genetic factor कारण और gene mutation सभी पर निर्भर करता है ।

GBS में होता क्या है ??

यह एक तरह का न्यूरो डिजनरेटिव डिसऑर्डर है । जिसमे की मरीज के शरीर के न्यूरॉन्स जिससे कि आपसे सभी तरह के क्रिया कलाप होते है। न्यूरॉन्स का धीरे धीरे नष्ट होने लग जाते है । एक बार जब न्यूरॉन्स नष्ट हो जाते है तो फिर उनका फिर से आ पाना सम्भव नही हो पाता है । जो जितना नष्ट हो गया उसको उससे अधिक नही बढ़ने दिया जाता है और वही उस बीमारी को रोक दिया जाता है ।

GBS में किस तरह के लक्षण मिलते है –

यह एक ascending प्रकार का न्यूरो डिजनरेटिव डिसऑर्डर है । जिसमे में सबसे पहले मरीज के पैरो के न्यूरॉन्स का डिजनरेशन चालू होता है जो कि धीरे धीरे ऊपर की तरफ बढ़ते जाता है । इससे सबसे पहले मरीज बिल्कुल भी नहीं चल पाता । यहां तक कि वह सहारे से भी नही चल पाता है । फिर यह पैरो से होता हुआ पेट और हाथो में पहुंच जाता है । हाथो का काम करना बंद हो जाता है । जो भी हमारी मांसपेशियां या muscle होती है उनका काम करना बंद हो जाता है । GBS in Hindi

GBS कारण में मौत का क्या कारण है –

जब इसमें हमारे सांस लेने के लिए जरूरी मसल्स या मांसपेशियों को प्रभावित करता है तो इसी के कारण ही respiratory failure हो जाता है । जब हार्ट की मसल्स involve होती है तो यह भी मरीज की मौत का प्रमुख कारण होता है ।

GBS कारण का पता कैसे लगाए –

इसका आपके न्यूरोलॉजी चिकित्सक के द्वारा पता लगाया जा सकता है । वो भी आपके कुछ लक्षणों को देखकर , आपसे history लेकर एवम् कुछ परीक्षणों से कन्फर्म डायग्नोसिस बनाई जा सकती है । जैसे F Wave का पता लगाना

, Cytological dissociation आदि । GBS in Hindi

GBS कारण का इलाज संभव है या नही –

जी हां इसका इलाज पूर्णतया सम्भव है । सभी बीमारियो की तरह इसका सही समय पर पता लगाया जाना और इलाज किए जाने पर यह संभव है ।
इसमें मरीज को इम्यूनोग्लोबीम चढ़ाया जाता है IgG type
एवम् दूसरे में प्लाज्मा फेरेसिस किया जाता है।

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